सनातन गृहणी

सर्वविदित है आधुनिकता का अंधानुकरण एवं धर्म के प्रति उदासीनता से अनेकानेक भ्रांतियां हमारे समाज में व्याप्त होती गईं । अनेकों लाभपूर्ण पद्धतियों से हम अनभिज्ञ हो गए । इसीलिए आवश्यकता है उन रीतियों,उन परम्पराओं को पुनः जीवन में धारण करने की । उन सदुपयोगी तथ्यों के जन जन में प्रसारण की । संस्कृति एवम सभ्यताओं का उत्कर्ष महिलाओं की उन्नति एवम विद्वता पर आधारित होता है । इसीलिए इन परम्पराओं को स्वयं जानकर अपने आस-पास, सगे संबंधियों में इस ज्ञान को प्रचारित करने वाली महिलाओं को हम आमंत्रित करते हैं ।
सनातन मूल्यों को अपने आस के बच्चों को निश्चित क्रियाकलापों जैसे खेल, कहानी के माध्यम से सिखाने वाली महिलाएं ही सनातन गृहणी कहलाती हैं ।